मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने कहा कि आयकर रिटर्न पर आयकर अधिकारी के हस्ताक्षर-मुहर न होने पर बीमा दावा निरस्त नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने आयकर रिटर्न को वैधानिक दस्तावेज माना। मृतक के आश्रितों को जिला कोर्ट द्वारा दिलवाई गई क्षतिपूर्ति को हाई कोर्ट ने बढ़ाकर 21 लाख, 65 हजार रुपये करने का आदेश दिया। मामला इंदौर निवासी हंसराज का है, जिनकी 2010 में एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।
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