संस्कृत के शब्द भुजंग का अर्थ होता है सर्प और आसन का अर्थ है स्थिति। इस आसन को करने से रीढ़ की हड्डी सर्प की तरह लचीली हो जाती है और शरीर में गर्मी उत्पन्न होती है।from Jagran Hindi News - news:national https://ift.tt/2LJH99l
संस्कृत के शब्द भुजंग का अर्थ होता है सर्प और आसन का अर्थ है स्थिति। इस आसन को करने से रीढ़ की हड्डी सर्प की तरह लचीली हो जाती है और शरीर में गर्मी उत्पन्न होती है।
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