भारत और रूस के बीच व्यापार घाटा कम करना एक बड़ी चुनौती है। दिसंबर 2025 की बैठक में भारतीय निर्यात बढ़ाने पर सहमति बनी थी, लेकिन रूस के आयात बास्केट में भारत की हिस्सेदारी कम है। मशीनरी, उपकरण जैसे उत्पादों के लिए रूस चीन पर निर्भर है। अमेरिकी प्रतिबंधों का डर भारतीय कंपनियों को रूस में निर्यात से रोक रहा है। फार्मास्यूटिकल्स और खाद्य पदार्थों में संभावनाएं हैं, पर व्यापार घाटा पाटना मुश्किल है।
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