लेख शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के लिए समय पर धन सुनिश्चित करने में राज्य वित्त आयोगों (SFCs) की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देता है। यह बताता है कि ULBs को सकल घरेलू उत्पाद का केवल 1% मिलता है, वे वित्तीय अस्थिरता का सामना करते हैं, और राज्य अक्सर SFCs के गठन या उनकी सिफारिशों को लागू करने में देरी करते हैं। जनाग्रह की एक रिपोर्ट SFCs को संस्थागत विश्वसनीयता प्रदान करने और राज्यों द्वारा शहरी विकास के लिए पारदर्शी, समय पर धन आवंटन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल देती है।
from Jagran Hindi News - news:national https://ift.tt/CY8bZ1Q
from Jagran Hindi News - news:national https://ift.tt/CY8bZ1Q
Comments
Post a Comment