सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सएप और ईमेल से तलाक पर तुरंत रोक लगाने से इनकार कर दिया, कहा कि दोनों पक्षों को सुने बिना आदेश नहीं देंगे। हालांकि, कोर्ट ने एक मामले में 'तलाक-ए-हसन' पर अंतरिम रोक लगाते हुए पति-पत्नी को अस्थायी रूप से घोषित किया। एक अन्य मामले को मध्यस्थता के लिए भेजा गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह धार्मिक मामलों में कम हस्तक्षेप करता है, लेकिन संवैधानिक और मानवाधिकारों के मुद्दों पर कार्रवाई करेगा।
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